युवाओं में दिल का दौरा, भारत के हृदय पर बोझ

-डॉ. सत्यवान सौरभ- आज युवा आबादी में हृदय संबंधी समस्याओं की प्रवृत्ति बढ़ रही है। दिल का दौरा और अन्य हृदय रोग दुनिया भर में हमेशा से प्रमुख स्वास्थ्य मुद्दे रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, दिल के दौरे के लिए कई कारक जिम्मेदार हैं, जिनमें…
Read More...

बेटी तो इन स्वयंभू ‘सांस्कृतिक राष्ट्रवादियों’ से बचाने की ज़रुरत

-निर्मल रानी-  'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' की मुहिम के झंडाबरदारों द्वारा उत्तरांचल की एक और बेटी अंकिता भंडारी की हत्या कर दी गयी। 19 वर्षीय अंकिता ऋषिकेश के लक्ष्मण झूला थाना क्षेत्र और चीला के बीच स्थित वंतरा नामक एक रिज़ॉर्ट में बतौर…
Read More...

फूट तंत्र से बचना देश की आवश्यकता

-कुलभूषण उपमन्यु- आज मैं एक ऐसे विषय पर लिख रहा हूं जिस पर बात करने से हर तरफ से आलोचना का खतरा है। फिर भी मुझे लगा कि जरूर लिखना चाहिए तो लिख रहा हूं, इस आशा के साथ कि हम सब आत्म अवलोकन की दिशा में बढ़ कर देश और समाज के व्यापक हित को…
Read More...

डिजिटल लेन-देन पर शुल्क कितना जायज

-डा. अश्विनी महाजन-  पिछले कुछ वर्षों में ऑनलाइन भुगतान का चलन काफी बढ़ गया है और यह लगातार बढ़ता ही जा रहा है। यूपीआई, भीम, फोनपे, पेटीएम आदि नाम आज हर घर में सुनने को मिल रहे हैं। यह सच है कि ऑनलाइन यानी डिजिटल भुगतानों का चलन पूरी…
Read More...

नेताजी की प्रतिमा के निहितार्थ

प्रेम सिंह एक टीवी चैनल की बहस में भाजपा के प्रवक्ता और एंकर ने मिल कर यह झूठ चलाया कि नेताजी सुभाषचंद्र बोस की बेटी ने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में यह आरोप लगाया है कि कांग्रेस ने गांधी की अहिंसा को आगे रखने के उद्देश्य से नेताजी का…
Read More...

पितृसत्तात्मक समाज को चुनौती देती महादेवी

मो. अनीसुर रहमान खान बीजापुर, कर्नाटक हाल ही में, कर्नाटक राज्य के बीजापुर शहर के पिछड़े इलाके अफजलपुर टिक्का की उबड़-खाबड़ और पथरीली सड़क पर, मेरी नज़र एक कमजोर महिला की ओर खिंची, जो लगभग सत्तर साल की एक बुजुर्ग थी. वह फटी पुरानी चप्पल…
Read More...

कनागत का शाब्दिक विवेचन

क्वांरमास के प्रथम पखवाड़े के 15 दिन कनागत अर्थात श्राद्धपक्ष के माने जाते हैं। इन 15 दिनों में वैदिक मान्यताओं के अनुसार पितरों को जल अर्पण किया जाता है। ऐसी मान्यता है कि इससे पितर प्रसन्न होते हैं और घर धन-धान्य से भरपूर रहता है;  इस…
Read More...

जब बेटी हो बेटी की दुश्मन, तब बेटी को कौन बचाये?

-निर्मल रानी- पुरुषों द्वारा महिलाओं पर अत्याचार, उनका शोषण व उत्पीड़न करने की अनेक घटनायें आये दिन सुर्ख़ियों में रहती हैं। अक्सर महिलाओं द्वारा संगठित होकर ऐसे अपराधों व अपराधियों के विरुद्ध आवाज़ भी उठाई जाती है। ऐसे अवसरों पर महिलाओं के…
Read More...

बेसहारा बच्चों को चाहिए पहचान पत्र

मामूनी दास दिल्ली मार्च 2020 में कोविड -19 के प्रकोप के बाद देश भर के रेलवे को बंद कर दिया गया था. इसके कारण रेलवे प्लेटफॉर्म पर निर्भर रहने वाले हजारों बच्चे प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से अपनी आजीविका से वंचित हो गए थे. ऐसे में कई…
Read More...

सस्ते तकनीक से ढूंढ लिया रोज़गार का साधन

फूलदेव पटेल मुज़फ़्फ़रपुर, बिहार देश में बेरोजगारों की संख्या दिनों दिन बढ़ती जा रही हैं. चारों तरफ रोजगार के लिए मारामारी है. प्राइवेट सेक्टर से लेकर सरकारी विभाग तक शिक्षित बेरोजगारों की बड़ी तदाद नौकरी के लिए भटक रही है. बावजूद इसके…
Read More...