मेरी चमचमाती साइकिल

-उपासना बेहार-  राहूल एक प्यारा सा बच्चा था जो कक्षा 07 में पढ़ता था। एक दिन उसके टीचर ने बताया कि स्कूल में 1 माह बाद खेलकूद की प्रतियोगिता होने जा रही है और जो बच्चा दौड़ में प्रथम आयेगा उसे एक साइकिल ईनाम में मिलेगी। यह सुन कर राहूल खुश…
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ईमानदारी की जीत

-जीवन जोशी- चारों ओर सुंदर वन में उदासी छाई हुई थी। वन को अज्ञात बीमारी ने घेर लिया था। वन के लगभग सभी जानवर इस बीमारी के कारण अपने परिवार का कोई न कोई सदस्य गवाँ चुके थे। बीमारी से मुकाबला करने के लिए सुंदर वन के राजा शेर सिंह ने एक बैठक…
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गलत मार्ग का परिणाम

-विष्णु शर्मा- किसी ग्राम में किसान दम्पती रहा करते थे। किसान तो वृद्ध था पर उसकी पत्नी युवती थी। अपने पति से संतुष्ट न रहने के कारण किसान की पत्नी सदा पर-पुरुष की टोह में रहती थी, इस कारण एक क्षण भी घर में नहीं ठहरती थी। एक दिन किसी ठग…
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मदद करने से मिलती है खुशी

यह तब की बात है जब मैं 13 साल का था और कक्षा 9 में पढ़ता था। अब मैं 14 साल का हो गया हूं। मेरे पिता जी कहते हैं कि लोगों की मदद करने से कभी पीछे नहीं हटना चाहिए।  अगर तुम किसी की मदद करना चाहते हो तो तुम्हारे अंदर अपने आप हिम्मत आ जाएगी और…
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श्यामला

अविनाश झा- श्यामला ने आज फिर मां को काफी खरी खोटी सुनाई थी। मां ने सिर्फ इतना ही तो पूछा था! "बेटी जुग जमाना सही नहीं है। यूं देर रात तक बाहर रहना ठीक नहीं। अब नौकरी भी करने लगी हो लेकिन विवाह का नाम सुनते ही भड़क जाती हो।" " तुम सबको तो…
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खेलें कहां

-मनोहर चमोली ‘मनु’- दिव्या ने स्कूल बैग कंधे से उतारा और सीधे दरवाजे की ओर जाने लगी। उसकी मम्मी ने पीछे से टोकते हुए पूछा, ‘दिव्या! कहां जा रही हो। पहले कपड़े बदलो। मुंह हाथ धो लो। कुछ खा-पी लो। तब जाना।’’ लेकिन दिव्या ने जैसे कुछ सुना…
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एक अच्छा बेटा और एक बुरा बेटा

जरा कैन और हाबिल को देखिए। वे अब बड़े हो गए हैं। कैन एक किसान बन गया है। वह फल-सब्जी और अनाज की खेती करता है। जबकि हाबिल एक चरवाहा बन गया। उसे भेड़ के छोटे-छोटे बच्चों, यानी मेम्नों की देखरेख करना बहुत अच्छा लगता है। धीरे-धीरे ये मेम्ने बड़े…
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संभालें अधखिली कलियों को…

पेरैंट्स अपनी व्यस्तताओं के बीच अपनी बच्चियों के लिए समय क्यों नहीं निकाल पाते कि उम्र के नाजुक दौर में वे कोई गलत कदम न उठा पाएं..., क्यों पेरैंट्स नहीं समझ पाते कि अपनी बड़ी होती बच्चियों के सामने वे सही आचरण का उदाहरण बनें, ताकि बच्चों के…
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खेलें कहां

-मनोहर चमोली ‘मनु’- (शिक्षा जगत से जुडे़ युवा लेखक मनोहर चमोली ‘मनु’ ने विद्यालयी शिक्षा के लिए प्रचुर मात्रा में लेखन और संपादन किया है। इसके अलावा उनकी कहानी, कविता, नाटक, व्यंग्य, समीक्षा आदि विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुए…
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तितली का संघर्ष

जीव विज्ञान मेरा प्रिय विषय है। एक दिन हमारी जीव विज्ञान की अध्यापिका हमें तितली का जीवन-क्रम पढ़ा रही थीं। वे बता रही थीं कि कीड़े जैसा कैटरपिलर किस तरह रंग-बिरंगी तितली में बदल जाता है। वे एक कैटरपिलर लेकर आई थीं। उन्होंने बताया कि थोड़ी ही…
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