नन्ही सी जान है वो

गुनु चोरसौ, गरुड़ बागेश्वर, उत्तराखंड नन्ही सी जान है वो, नन्हें से सपने है उसके, पर उन्हें कोई पूरी होने नहीं देता, वह दुर्गा वही काली, फिर भी उसे ठुकराते, समझते हैं लड़के को जहान, पर होती हैं लड़कियां महान, क्यों दर्द सहना…
Read More...

दिन भले ही मजे में गुजरे

तनुजा गढ़िया तोली, कपकोट बागेश्वर, उत्तराखंड दिन भले ही मजे में गुजरे, मस्ती में हो जाती कितनी रात, और हुए कितने सवेरे, खुली हवा में लेते सांस, फल-फूलों से हर सुबह महकती, है वो ये जगह जिसे सभी, उत्तराखंड देवभूमि के नाम से जानते,…
Read More...

सुनो लड़कियों !

नीलम ग्रेंडी चौरसो, गरुड़ बागेश्वर, उत्तराखंड सुनो लड़कियों! तुम पहाड़ सी डटे रहना अपने खिलाफ होने वाले हर अन्याय को मूक होकर मत सहना, सुनो लड़कियों! याद रखना कि तुम हो बेहद मजबूत तुम्हारे भीतर ये जो भरा है साहस ये बनाता है…
Read More...

बेटी

कुमारी तानिया चोरसौ, गरुड़ बागेश्वर, उत्तराखंड उसको भी जीने का हक था। जिसके आने से पहले ही कर दी विदाई।। उसकी तो कोई गलती नहीं थी। जो इस संसार को ही न देख पाई।। उसने भी पाए थे मां- बाप और भाई। मगर इस संसार में ही वो न आ पाई।।…
Read More...

मैंने खुद को इस नजर से देखा है

मंजू धपोला कपकोट, बागेश्वर उत्तराखंड मैंने खुद को इस नजर से देखा है। जिस नजर से दुनिया को मुझे अक्सर नजरअंदाज करते देखा है।। मैं खुद की नजर  से नजर मिला सकूं, बस इतना खुद को तराशा है। मझधार में डूब ना जाए यह नजर, खुद से मंजिल तक…
Read More...

मेरी मंजिल के रास्ते

मेरी मंजिल के रास्ते भावना मेहरा गरुड़, बागेश्वर उत्तराखंड वादियों को छूकर, हवाओं को महसूस करके। मै चल रही हूँ, ज़िंदगी को साथ लेके।। बढ रही हूँ अपनी मंजिल की ओर। जहां एक एहसास खुद मुझे बुला रही है।। जहां वो चिड़ियों का शोर, …
Read More...

चलो आज कुछ बैठकर बातें करें

प्रेमा ऐठानी कपकोट, बागेश्वर उत्तराखंड चलो आज कुछ बैठकर बातें करें। थोड़ा रो ले, थोड़ा हँस ले, मन बस हल्का करें।। दोस्ती की कुछ हदें गढ़े। चलो मिलकर हम लिखे पढ़े।। कल है क्या, ये किसे पता। जिंदगी एक बेल है जिसमें है लता।। इन…
Read More...

मुझे रास्ते का पता न था

चित्रा जोशी उत्तरोड़ा, कपकोट बागेश्वर, उत्तराखंड मुझे रास्ते का पता न था। मेरी माँ को मंजिल का पता न था।। बहुत ख़ूबसूरत था जीवन का सफर। जो आ गई मैं दुनिया में अगर। सुनाए थे मां को कितने ही ताने।। बदली थी सबकी खुशियां गम में।…
Read More...

उठो! हिम्मत दिखाओ

प्रेरणा सिंह कोड, गरुड़ बागेश्वर, उत्तराखंड सपना देखना होता है आसान। तुम उसे पूरा करके दिखाओ।। दौड़ना तो हर कोई चाहता है। सबसे आगे बढ़ कर दिखाओ।। हार तो मिलती है ज़िंदगी में। हार को जीत कर दिखाओ।। मुश्किल हर किसी को आती…
Read More...