‘स्वच्छ जमीन-स्वच्छ आसमान’ स्पर्धा में प्रथम विजेता डॉ. कुमारी कुन्दन

इंदौर, बस्ती ब्यूरो । हिंदीभाषा डॉट कॉम परिवार द्वारा इस बार 68 वीं स्पर्धा 'स्वच्छ जमीन-स्वच्छ आसमान' (पर्यावरण दिवस विशेष) विषय पर कराई गई। इस प्रतियोगिता में प्रथम स्थान डॉ. कुमारी कुन्दन (बिहार) और द्वितीय आशा आजाद 'कृति' (छग) ने पाया…
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नोटों की गड्डी (कहानी)

-रश्मि-हम तुम्हरे पांय परत हैं बिटिया, इनका बचाय लेओ। बुढ़िया हाथ जोड़े, अधझुकी होकर सुगना के सामने मिन्नतें कर रही थी जबकि सुगना का पूरा शरीर क्रोध से कांप रहा था और हथेलियां गुस्से से भिंची हुईं थीं।सुगना! तनिक देख लल्ली... ई…
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सब का दाता है भगवान

-राजेश माहेश्वरी- जबलपुर शहर में एक धनाढ्य व्यापारी पोपटमल रहता था। वह कर्म प्रधान व्यक्तित्व का धनी था और गरीबों को दान धर्म, जरूरतमंदों को आर्थिक सहयोग, बच्चों को शिक्षा प्रदान करने हेतु उनकी फीस, किताबें इत्यादि के लिए आर्थिक मदद देता…
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छिपकली

-सुलक्षणा अरोड़ा-कविता की यह पहली हवाई यात्रा थी. मुंबई से ले कर चेन्नई तक की दूरी कब खत्म हो गई उन्हें पता ही नहीं चला. हवाई जहाज की खिड़की से बाहर देखते हुए वह बादलों को आतेजाते ही देखती रहीं. ऊपर से धरती के दृश्य तो और भी रोमांचकारी…
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सब का दाता है भगवान

-राजेश माहेश्वरी- जबलपुर शहर में एक धनाढ्य व्यापारी पोपटमल रहता था। वह कर्म प्रधान व्यक्तित्व का धनी था और गरीबों को दान धर्म, जरूरतमंदों को आर्थिक सहयोग, बच्चों को शिक्षा प्रदान करने हेतु उनकी फीस, किताबें इत्यादि के लिए आर्थिक मदद देता…
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वाणी पर नियंत्रण

-राजेश माहेश्वरी- सेठ बनवारीलाल नगर के एक प्रसिद्ध उद्योगपति थे। उनकी एकमात्र संतान मुकुंदीचंद शिक्षा, सामाजिक गतिविधि एवं साहित्य के क्षेत्र में काफी प्रतिभावान समझे जाते थे। उनके स्वभाव में एक बहुत बडी कमजोरी थी कि उन्हें धन का घमंड होने…
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पत्रकारिता के साथ ही साहित्य में अपनी पहचान बना रहे हैं आजमगढ़ के नितेश यादव

नितेश यादव आजमगढ़। कहा जाता है कि "वीर भोग्या वसुंधरा" अर्थात् भौतिक सुख-सुविधाओं को वीर ही उपभोग करते हैं और कर्मठ लोग अपना मार्ग प्रशस्त कर ही लेते हैं। कुछ ऐसी ही कहानी है दरभंगा में कार्यरत युवा पत्रकार नितेश यादव की। पत्रकार नितेश…
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अनोखी लेखन शैली है बस्ती निवासी पत्रकार रमाकांत यादव की पहचान, साहित्य में भी है गहरी रुचि

रमाकांत यादव कहा जाता है कि साधारण लोग तो केवल अनुसरण करते हैं लेकिन साहसी व्यक्ति नया मार्ग प्रशस्त करते हैं। कुछ ऐसी ही कहानी है दरभंगा में कार्यरत युवा पत्रकार रमाकांत यादव की। पत्रकार रमाकांत यादव 'राज' अपनी रिपोर्टों के माध्यम से…
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समीक्षा : तेंतर (कहानी)

-मुंशी प्रेमचंद- कई बार मैंने भी बचपन में अपनी दादी के मुंह से यह कहते सुना था कि तेंतर बच्चे बहुत ही खुराफाती, झगड़ालू, गुस्से वाले और अशुभ होते है। उनके वजह से घर में हमेशा अशांति और लड़ाई-झगड़े का माहौल बना रहता है क्योंकि मेरी ही दादी के…
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पहली बरसात (बांग्ला कहानी)

अमर मित्रबूढ़े ने कहा, थाना पीरतला...ग्राम हाथीशाला। अब इस कलकत्ते में ही हूं।पीरतला, हाथीशाला..... किस ओर है? सुप्रिया पूछती है।यहां से इक्यानवे नंबर बस में जाएं तो भेजहाट सड़क पर हाथीशाला-पीरतला पड़ेगा दीदी। बूढ़े ने कहा।वह…
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