आईजीआई एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 पर हुए हादसे में एक की मौत, 8 घायल

नई दिल्ली, 28 जून। आईजीआई एयरपोर्ट के टर्मिनल 1 (डोमेस्टिक ) पर शुक्रवार सुबह शेड का बहुत बड़ा हिस्सा गिरने के कारण 9 लोग इसकी चपेट में आ गए। इनमें से रोहिणी (दिल्ली) निवासी आशीष (32) नामक एक कैब चालक की मौत हो गई जबकि अन्य घायलों का इलाज मेदांता अस्पताल (गुरुग्राम) में चल रहा है।

दमकल विभाग के निदेशक अतुल गर्ग ने बताया कि दमकल कंट्रोल रूम को 5:30 बजे के आसपास सुबह सूचना मिली थी। मौके पर तुरंत अलग अलग दमकल स्टेशनों से कई गाड़ियां भेजी गईं। वहां पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। एक-एक करके पहले तीन लोगों को निकाला गया। उसके बाद और लोगों को रेस्क्यू करके निकाला गया। मौके पर असिस्टेंट डिविजनल ऑफीसर रविनाथ को भेजा गया था। दमकल की टीम के अलावा पीसीआर कैट्स टीम भी मौके पर पहुंच गई थी।

इस मामले में पुलिस की तरफ से जानकारी देते हुए डीसीपी एयरपोर्ट उषा रंगनानी ने बताया कि यह हादसा भारी बारिश के कारण टर्मिनल 1 डोमेस्टिक एयरपोर्ट के बाहरी हिस्से में हुआ। प्रस्थान गेट नंबर 1 से 2 के बीच शेड का बहुत बड़ा हिस्सा नीचे गिर गया। चार गाड़ियां शेड के नीचे दब गईं और कई लोग इसमें चपेट में आ गए थे। इनमें से एक शख्स की मौत हो गई। मौके पर दिल्ली पुलिस के साथ दमकल, सीआईएसएफ और एनडीआरएफ की टीम ने मौके पर पहुंच कर रेस्क्यू कार्य को अंजाम दिया।

इस हादसे के बाद वहां पर इकट्ठा हुए लोगों को धीरे-धीरे हटा करके टर्मिनल 2 और 3 की तरफ भेजा गया और शेड के गिरे हुए मलबे और क्षतिग्रस्त गाड़ियों को वहां से हटाया गया। मौके से मिली जानकारी के अनुसार जो गाड़ियां शेड की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हुई हैं, वो सभी कैब हैं, जो यात्रियों को की आवाजाही के लिए काम करती हैं। सुबह जब अचानक भर भराकर शेड नीचे गिरा तो वहां पर भगदड़ मच गई। लोगों को कुछ समझ में नहीं आया कि यहां पर क्या हो गया। जिस शख्स की मौत हुई है, वह एक कैब की ड्राइविंग सीट पर ही फंसा रह गया। वह निकल नहीं पाया। बाद में जब निकाला गया तो डॉक्टरों ने उसे अस्पताल में मृत घोषित कर दिया।

इस हादसे की जानकारी मिलने के बाद केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू आईजीआई एयरपोर्ट टर्मिनल वन पर पहुंचे। उन्होंने मृतक के परिवार को 20 लाख रुपये और गंभीर रूप से घायल हुए लोगों को 3- 3 लाख रुपये की आर्थिक मदद देने का ऐलान किया।

नायडू ने बताया कि यह वह बिल्डिंग नहीं है, जिसका प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उद्घाटन किया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह बिल्डिंग 2009 में बनी थी।इसमें किसकी लापरवाही है, इसकी जांच की जाएगी। लोगों ने उन्हें जानकारी दी कि जो हिस्सा गिरा है, वह देखने में डैमेज लग रहा था। इस पर उन्होंने कहा कि जांच के बाद ही यह साफ हो पाएगा। फिलहाल, टर्मिनल 1 को पूरी तरह खाली करा दिया गया है। जांच पड़ताल के बाद कल से इसे शुरू किया जा सकता है।

मौके पर पहुंचे असिस्टेंट डिविजनल ऑफिसर रविंद्र ने बताया कि जो शख्स गाड़ी के अंदर फंस गया था, उसे निकालने में 20 मिनट लगा। क्योंकि लोहे का खंबा गाड़ी के ऊपर ही आकर गिरा था। उसे सावधानी से हटाना जरूरी था, नहीं तो और भी कुछ डैमेज हो सकता था। फायर ब्रिगेड की हाइड्रा गाड़ी से उस पिलर को थोड़ा ऊपर उठाया गया और फिर उस शख्स को गाड़ी से निकालकर तुरंत अस्पताल भेजा गया।

एयरपोर्ट पर लोगों को समझ में नहीं आ रहा है कि वर्ल्ड क्लास इस हवाई अड्डे पर पहली बारिश में इतना बड़ा हादसा कैसे हो गया। शेड का बहुत बड़ा हिस्सा अचानक नीचे गिर गया। इसके पीछे यह अंदेशा लगाया जा रहा है कि जिस लोहे के पिलर पर यह शेड खड़ा था, उनमें से कोई पिलर जमीन के खिसकने की वजह से अनबेलेंस हुआ है। इसके बाद यह स्ट्रक्चर नीचे गिरा है।

एयरपोर्ट हादसे में जिस शख्स की मौत हुई है, उसकी पहचान 32 साल के आशीष के रूप में हुई है। वह रोहिणी के फेज वन स्थिति विजय विहार शनि बाजार का रहने वाला था। यहां वह परिवार की साथ रहता था।

एयरपोर्ट हादसे में घायल हुए लोगों की पहचान साहिल, योगेश्वर, संतोष कुमार यादव, शुभम शाह, ध्रुव, दशरथ, पार्थ और अरविंद के रूप में हुई है। ये सभी दिल्ली, बिहार और गुजरात के रहने वाले बताए जा रहे हैं। इनका इलाज गुरुग्राम स्थित मेदांता हॉस्पिटल में किया जा रहा है।

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