उप्र में सात केन्द्रीय मंत्री नहीं बचा सके सीट, स्मृति ईरानी भी हारीं

उप्र में सात केन्द्रीय मंत्री नहीं बचा सके सीट, स्मृति ईरानी भी हारींलखनऊ, 04 जून । देश की 18वीं लोकसभा के लिए 2024 में हुए चुनाव के नतीजों के बाद भारतीय जनता पार्टी केन्द्र में तीसरी बार नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार बनाने जा रही है। इस चुनाव में उत्तर प्रदेश के चुनाव परिणाम भाजपा के लिए ज्यादा बेहतर नहीं रहे। यहां पर विपक्षी इंडिया (आईएनडीआईए) गठबंधन सपा-कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी के रूप में सामने आई है। इस चुनाव में भाजपा के सात केन्द्रीय मंत्रियों को चुनाव में करारी हार का सामना करना पड़ा है। इसमें सबसे ज्यादा चर्चा के केन्द्र में रही अमेठी सीट भी शामिल है।

इन सीटों पर केन्द्रीय मंत्रियों को मिली हार

अमेठी की हॉट सीट पर केन्द्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को डेढ़ लाख से अधिक मतों से कांग्रेस उम्मीदवार किशोरी लाल शर्मा ने शिकस्त दी है। इसी तरह जालौन सीट से भानु प्रताप सिंह वर्मा, चंदौली से डॉ महेन्द्र नाथ पांडेय, मोहनलालगंज से कौशल किशोर, मुजफ्फरनगर से संजीव बालियान, फतेहपुर सीट से साध्वी निरंजन ज्योति, लखीमपुर खीरी सीट से अजय मिश्र टेनी को हार का मुंह देखना पड़ा है।

इन मंत्रियों को मिली जीत

लखनऊ से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, महाराजगंज से पंकज चौधरी जीते हैं। मीरजापुर से एनडीए गठबंधन की प्रत्याशी और केन्द्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल को जीत मिली है। आगरा सीट से एसपी सिंह बघेल विजयी हुए है।

गौरतलब है कि लोकसभा 2024 का चुनाव सात चरणों में मतदान सम्पन्न हुए। उप्र में मंगलवार को 75 जिलों में 81 मतगणना केंद्रों पर 80 सीटों के लिए मतगणना हुई। सुबह आठ बजे से शुरू हुई मतगणना दोपहर होते-होते विपक्षी इंडिया (आईएनडीआईए) गठबंधन के पक्ष में नतीजे लेकर आई। विपक्षी गठबंधन में समाजवादी पार्टी सबसे बड़ी पार्टी बनकर सामने आई है। वहीं कांग्रेस को झोली में इस चुनाव में बेहतर परिणाम मिले हैं। सबसे ज्यादा सीटों पर विजयी सपा प्रत्याशियों की जीत से उनमें खुशी का माहौल है तो वहीं कांग्रेस ने अमेठी समेत कई सीटों पर जीत दर्ज करने में कामयाब रही है। वहीं केन्द्रीय मंत्रियों की हार से भाजपा को उप्र में भारी नुकसान हुआ है।

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